राष्ट्रीय

PM मोदी सिर्फ दो गाड़ियों के काफिले में पहुंचे, देशभर में मचा राजनीतिक हलचल का माहौल

पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और वैश्विक ऊर्जा संकट के बीच PM मोदी ने देशवासियों से पेट्रोल और डीजल की बचत करने की अपील की थी। अब प्रधानमंत्री ने खुद इस अपील को जमीन पर उतारकर बड़ा संदेश दिया है। बुधवार को कैबिनेट बैठक के लिए PM मोदी बेहद छोटे काफिले के साथ अपने आवास से कार्यालय पहुंचे। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में उनके काफिले में केवल दो गाड़ियां दिखाई दीं। आमतौर पर प्रधानमंत्री के काफिले में कई सुरक्षा वाहन शामिल रहते हैं लेकिन इस बार बेहद सीमित गाड़ियों के साथ उनकी मौजूदगी ने राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में चर्चा तेज कर दी है। इसे सरकार की ओर से ऊर्जा संरक्षण को लेकर प्रतीकात्मक लेकिन बड़ा कदम माना जा रहा है।

सुरक्षा प्रोटोकॉल के बावजूद घटाई गईं गाड़ियां

प्रधानमंत्री की सुरक्षा के लिए बनाए गए ब्लू बुक प्रोटोकॉल के अनुसार सामान्य परिस्थितियों में उनके काफिले में 14 से 17 गाड़ियां रहती हैं। इसके अलावा राज्यों की पुलिस और विशेष सुरक्षा बलों की गाड़ियां भी शामिल होती हैं जिससे कई बार यह संख्या 30 से 40 तक पहुंच जाती है। लेकिन इस बार पीएम मोदी ने अपने काफिले को बेहद सीमित कर यह संदेश देने की कोशिश की कि संसाधनों का विवेकपूर्ण उपयोग समय की मांग है। सूत्रों के मुताबिक प्रधानमंत्री कार्यालय ने भी ऊर्जा बचत और अनावश्यक खर्चों को कम करने पर जोर दिया है। पीएम की यह पहल अब केवल सरकारी दफ्तरों तक सीमित नहीं रह गई बल्कि इसे जनआंदोलन बनाने की तैयारी दिखाई दे रही है।

अमित शाह और राजनाथ सिंह ने भी घटाए काफिले

प्रधानमंत्री की अपील का असर अब केंद्र सरकार के बड़े मंत्रियों पर भी साफ दिखाई दे रहा है। Rajnath Singh जो Z+ सुरक्षा श्रेणी में आते हैं उनके काफिले में पहले 11 गाड़ियां रहती थीं लेकिन अब उन्होंने इसे घटाकर केवल 4 गाड़ियों तक सीमित कर दिया है। वहीं Amit Shah भी बुधवार को कैबिनेट बैठक में महज चार गाड़ियों के साथ पहुंचे। आमतौर पर उनके सुरक्षा काफिले में 11 से 12 वाहन शामिल रहते थे। बीजेपी अध्यक्ष Nitin Nabin ने भी सोशल मीडिया पर प्रधानमंत्री की पहल की सराहना करते हुए अपने काफिले में गाड़ियों की संख्या कम करने का ऐलान किया। उन्होंने लिखा कि जब नेतृत्व खुद उदाहरण पेश करता है तब वह जनआंदोलन का रूप ले लेता है।

BJP शासित राज्यों में भी दिखने लगा असर

प्रधानमंत्री मोदी की अपील का असर अब बीजेपी शासित राज्यों तक भी पहुंच गया है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री Jagat Prakash Nadda ने भी अपने सुरक्षा काफिले को घटाकर केवल चार गाड़ियों तक सीमित कर दिया है। वहीं कई अन्य केंद्रीय मंत्रियों ने भी अपने काफिलों में वाहनों की संख्या कम कर दी है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने भी ऊर्जा संरक्षण और प्रशासनिक स्तर पर ईंधन बचत को लेकर अधिकारियों के साथ विशेष बैठक की। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि सरकार अब ऊर्जा संकट और वैश्विक हालात को देखते हुए जनता को संदेश देना चाहती है कि बचत केवल आम लोगों की जिम्मेदारी नहीं बल्कि सरकार और नेताओं की भी समान जिम्मेदारी है।

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