Rajasthan News: क्या NEET सफलता थी सिस्टम या साजिश? बिवाल परिवार केस ने मचाया हड़कंप

Rajasthan News: राजस्थान में सामने आए NEET पेपर लीक मामले की जांच जैसे जैसे आगे बढ़ रही है वैसे वैसे नए और चौंकाने वाले खुलासे सामने आ रहे हैं। अब यह मामला सिर्फ 2026 परीक्षा तक सीमित नहीं रह गया है बल्कि जांच एजेंसियों ने 2025 की NEET परीक्षा में हुए चयन को भी संदेह के घेरे में ले लिया है। इस केस के केंद्र में जयपुर का बिवाल परिवार है जहां एक ही परिवार के पांच सदस्यों के मेडिकल कॉलेज में चयन को लेकर सवाल उठ रहे हैं। CBI की जांच के बाद इस पूरे नेटवर्क की परतें खुलने लगी हैं और शिक्षा व्यवस्था की पारदर्शिता पर गंभीर बहस शुरू हो गई है।
पांच चयन और अचानक बढ़ा शक का दायरा
जांच एजेंसियों के अनुसार बिवाल परिवार के पांच सदस्यों का अलग अलग वर्षों में NEET परीक्षा पास करना पहले एक उपलब्धि माना गया था। लेकिन अब यही सफलता जांच के दायरे में आ गई है। आरोप है कि इस परिवार के कुछ सदस्यों ने कथित रूप से पेपर खरीदकर परीक्षा में बढ़त हासिल की। इसी मामले में CBI ने दिनेश बिवाल, उनके भाई मांगीलाल और भतीजे विकास को गिरफ्तार किया है। जांच में यह भी देखा जा रहा है कि क्या 2025 की परीक्षा के प्रश्नपत्र तक इस नेटवर्क की पहुंच थी। इस खुलासे ने मेडिकल प्रवेश प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
कम अंकों से बड़े स्कोर तक पहुंचने पर उठे सवाल
जांच रिपोर्ट में यह बात भी सामने आई है कि परिवार के कई छात्रों के कक्षा 10 और 12 में अंक औसत या सामान्य रहे हैं लेकिन NEET परीक्षा में उनके स्कोर में अचानक बड़ा उछाल देखा गया। उदाहरण के तौर पर कुछ छात्रों ने कोचिंग टेस्ट और पिछले वर्ष की परीक्षा में अपेक्षाकृत कम अंक हासिल किए थे लेकिन NEET 2025 में उन्हें काफी बेहतर रैंक और प्रतिशताइल मिला। इसी असामान्य पैटर्न ने जांच एजेंसियों का ध्यान खींचा और मामला गहराता चला गया। अब विशेषज्ञ इस बात की जांच कर रहे हैं कि क्या यह सुधार मेहनत का परिणाम था या किसी संगठित गड़बड़ी का हिस्सा।
CBI छापेमारी और जांच में खुलते नए लिंक
CBI की टीम ने हाल ही में बिवाल परिवार के ठिकानों पर छापेमारी की जिसके बाद जांच में कई डिजिटल और दस्तावेजी सबूत मिलने की बात सामने आई है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि पेपर लीक नेटवर्क कैसे काम करता था और इसमें किन किन लोगों की भूमिका थी। शुरुआती जांच में कुछ अन्य राज्यों से जुड़े लिंक भी सामने आए हैं जिससे यह मामला अब एक बड़े शिक्षा माफिया नेटवर्क की ओर इशारा कर रहा है। एजेंसियों का मानना है कि इस पूरे रैकेट में कई स्तरों पर लोग शामिल हो सकते हैं।
जांच जारी और शिक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवाल
हालांकि राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी ने 2025 NEET परीक्षा में किसी भी आधिकारिक पेपर लीक की पुष्टि नहीं की थी और सोशल मीडिया दावों को खारिज किया था। लेकिन CBI जांच के बाद स्थिति बदलती दिख रही है। अब यह मामला सिर्फ एक परिवार या एक परीक्षा तक सीमित नहीं रह गया है बल्कि पूरे मेडिकल एडमिशन सिस्टम की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े कर रहा है। आने वाले दिनों में जांच और तेज होने की संभावना है जिससे और बड़े खुलासे हो सकते हैं।





