राजस्थान

शिक्षा मंत्री ने NEET विवाद को बताया सामान्य, विपक्ष ने उठाए बड़े सवाल

NEET UG 2026 परीक्षा रद्द होने के बाद मामला अब केवल शिक्षा व्यवस्था तक सीमित नहीं रहा बल्कि यह बड़ा राजनीतिक विवाद बन गया है। राजस्थान के शिक्षा मंत्री मदन दिलावर का बयान इस पूरे मामले में चर्चा का केंद्र बन गया है। उन्होंने कहा कि जांच एजेंसियों ने अगर गड़बड़ी पाई है तो यह कोई बड़ी बात नहीं है और सरकार हर अनियमितता को सुधारने के लिए काम कर रही है। उनके इस बयान के बाद विपक्ष ने सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं।

22 लाख छात्रों पर असर और बढ़ता आक्रोश

3 मई को आयोजित इस परीक्षा में देशभर से 22 लाख से अधिक छात्र शामिल हुए थे। परीक्षा रद्द होने के बाद छात्रों और उनके अभिभावकों में भारी नाराजगी और निराशा देखी जा रही है। कई छात्रों का कहना है कि उन्होंने महीनों की मेहनत और तैयारी की थी लेकिन अब अनिश्चितता बढ़ गई है। परीक्षा रद्द होने से मेडिकल प्रवेश प्रक्रिया भी प्रभावित हुई है और भविष्य को लेकर चिंता गहराती जा रही है।

विपक्ष का सरकार पर तीखा हमला

इस पूरे मामले को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत समेत विपक्षी नेताओं ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। गहलोत ने कहा कि जब छात्रों ने तुरंत शिकायत की थी तब प्रशासन ने गंभीरता नहीं दिखाई। उन्होंने जांच प्रक्रिया और देरी पर सवाल उठाए हैं। विपक्ष का कहना है कि अगर समय रहते कार्रवाई होती तो यह स्थिति नहीं बनती। वहीं सरकार का दावा है कि दोषियों को किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाएगा।

CBI जांच और आगे की कार्रवाई से बढ़ी उम्मीदें

मामले की गंभीरता को देखते हुए अब जांच को केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो को सौंप दिया गया है। राजस्थान SOG ने भी 150 से अधिक संदिग्धों की पहचान की है और कई गिरफ्तारियां पहले ही हो चुकी हैं। जांच एजेंसियों का मानना है कि यह एक संगठित नेटवर्क हो सकता है जो कई राज्यों में फैला हुआ है। आने वाले दिनों में और खुलासे और गिरफ्तारियां होने की संभावना जताई जा रही है जिससे पूरे मामले की परतें और खुल सकती हैं।

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