राजस्थान

Bhilwara News: अजमेर-चित्तौड़गढ़ हाईवे पर दर्दनाक टक्कर ट्रेलर की चपेट में तीन जिंदगियां खत्म

Bhilwara News: राजस्थान के भीलवाड़ा जिले में शुक्रवार सुबह एक भीषण सड़क हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। अजमेर-चित्तौड़गढ़ नेशनल हाईवे-48 पर मांडल चौराहे के ओवरब्रिज पर बाइक और तेज रफ्तार ट्रेलर की आमने-सामने की टक्कर में तीन लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। इस हादसे में रेलवे पुलिस के दो जवान और एक आरोपी की जान चली गई। घटना इतनी भयावह थी कि मौके पर ही अफरा-तफरी मच गई और हाईवे कुछ समय के लिए जाम हो गया।

बाइक पर तीन सवारी और ड्यूटी पर लौटता सफर

जानकारी के अनुसार रेलवे पुलिस के दो कर्मचारी एक आरोपी को लेकर भीलवाड़ा की ओर जा रहे थे। आरोपी को रेलवे परिसर से बाइक चोरी के मामले में पकड़ा गया था। बाइक पर हेड कांस्टेबल लेखराज बागड़ी, कांस्टेबल रविंद्र कुमार जाट और आरोपी छोटू भील सवार थे। सुबह का समय था और हाईवे अपेक्षाकृत सुनसान था। बताया जा रहा है कि इसी दौरान पीछे से आ रहा एक तेज रफ्तार ट्रेलर अचानक अनियंत्रित हो गया और बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि किसी को संभलने का मौका ही नहीं मिला।

CCTV फुटेज से खुला हादसे का पूरा मंजर

घटना पास में लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई है। फुटेज में साफ दिखाई दे रहा है कि ट्रेलर तेज रफ्तार में था और अचानक नियंत्रण खो बैठा। आशंका जताई जा रही है कि चालक को नींद की झपकी आ गई थी, जिसके चलते यह दर्दनाक हादसा हुआ। ट्रेलर बाइक को रौंदते हुए आगे निकल गया और चालक मौके से फरार हो गया। पुलिस ने फुटेज को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है और ट्रेलर चालक की तलाश की जा रही है।

मौके पर मौत और अस्पताल में इलाज के दौरान तीसरी मौत

रेलवे अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नरेश शर्मा ने बताया कि हादसा इतना भीषण था कि हेड कांस्टेबल लेखराज बागड़ी और कांस्टेबल रविंद्र कुमार जाट की मौके पर ही मौत हो गई। गंभीर रूप से घायल आरोपी छोटू भील को 108 एंबुलेंस से मांडल उप जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां से उसे महात्मा गांधी जिला अस्पताल रेफर किया गया। इलाज के दौरान उसने भी दम तोड़ दिया। तीनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और परिजनों को सूचना दे दी गई है।

प्रशासन मौके पर पहुंचा और उठे गंभीर सवाल

हादसे की जानकारी मिलते ही पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंच गए। प्रशिक्षु थानाधिकारी आयुष श्रोत्रिय, डिप्टी राहुल जोशी और रेलवे पुलिस के अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। इस दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा और नियमों के पालन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। खास बात यह है कि जिन पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लोगों को नियमों का पालन करवाने की थी, वे खुद एक बाइक पर तीन सवारी के साथ सफर कर रहे थे। यह घटना लापरवाही थी या मजबूरी, यह जांच का विषय बना हुआ है।

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